बुधवार, 25 मार्च 2009

बढ़ते कदम

बढ़ते कदमो को अगर मिल जाए सही रास्ता सही मंजिल और थोडी रौशनी तो कौन कहता है ज़मीन पर स्वर्ग बन सकता नही
देश के युवाओ मैं ज़ज्बा वो चाहिए जिसमे कदमो के आगे बढ़ने की आग हो बड़े बुजुर्गो का अनुभव हो तो किस वीराने को गुलज़ार किया जा सकता नही
निराशा को बढ़ते कदमो ने हमेशा पीछे छोडा है ..मंजिलो पर सदा बढ़ते कदमो की सफलता ने परचम सजाया है
याद रहे
कदम बढ़ाना है मंजिल को पाना है

2 टिप्‍पणियां:

  1. itihas badhate kadmo ke sath hamesha badhta aur badalta raha hai..
    Aapke badhte kadam itihas ko ek nayi disha denge...
    Meri dua hai ki aap itne aage badhe ki jaha bhi jaye log kahe
    aage badh age badh

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  2. jaroor sai kadam badhanai hai or ek achai desh ki kalpana ko sarthak karna hai. or yeh dil sai manana bhi hoga keval kori kalpana sai kuch nahi hoga.

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