शनिवार, 3 फ़रवरी 2018

दर्द विसर्जन

ganga laha le
Pic Courtsey:Google
खुद में ना पाल हलाहल इतना 
रगों में ना दौड़ा ज़हर इतना 
कुछ देर बैठ, मुझसे बात कर 
सुना क्यों सुर्ख है अक्स मेरा 
आईने में आज इतना 

ना विष रख, ना विष की यादें 
बहा दे अश्रुओं में भीतर भरा ज़हर सारा 
मिटा दे विस्मृति, स्मृति पटल से 
खोल दे मन के सारे ताले
कर दे  दर्द विसर्जित, गंगा नहा ले 

बुधवार, 24 जनवरी 2018

प्रतिभा

hidden talent
















Pic Courtsey : Google
छिपी हूँ मन के भीतर 
बाहर निकालो 
मुझसे मिलो तो सही 
मैं एक और ज़िन्दगी हूँ 
बसती हूँ तुम में ही में कहीं
लोग प्रतिभा कहते है मुझे  
ढूंढ लो मुझे 
इससे पहले की मैं सिमट जाऊं
भीतर ही कहीँ
आकर मिलो नई ज़िन्दगी से 
बदल सकते हो अपनी छवि

गुरुवार, 11 जनवरी 2018

इश्क़ नहीं आसां

Pic Courtsey:Google
इश्क़ की गली से ना 
गुज़रना कभी 
रूह पीछे छोड़ देह 
आगे बढ़ जाएगी 

ज़िन्दगी का नाम 
शेष होगा 
ज़िन्दगी बहुत पीछे 
छूट जाएँगी 

बातें मुलाकाते 
खूब होंगी लेकिन 
किसी खास का इंतज़ार 
हर पल रहेगा 

इश्क़ की गली से ना 
गुज़रना कभी 
ख़्वाब सिमट जायेंगे 
हक़ीक़त रूबरू होगी 

सोमवार, 1 जनवरी 2018

नई इबारत

Nai ibarat
Pic Courtsey:Google
ना कागज़ पर 
ना कलम से 
लिखना है हमको 
तकदीर कर्म से 
जो बीत गई 
वो बात गई 
उठो, बढ़ो 
लेकर नया जोश
नई चुनौतियां 
नए रास्तें 
पर याद रखो 
पुराने अनुभव 
नज़र मंज़िल पर  
और दृढ इरादे 
फिर कौन रोकेगा 
सफर के रास्तें 

शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017

दम घुट रहा था अब तक

life in hell

घुटन थी दरवाज़े के उस पार 
ना आवाज़ सुनने वाला था कोई 
ना आवाज़ निकलने देता था कोई 
सिर्फ आँखे बोलती नज़र आती थी 
मगर उस भाषा का जानकर ना था कोई 
होठो के बीच फंसे अपने ही शब्दों की 
आवाज़ सुनने का मन करता है 
आज खुलकर सांस लेने का मन करता है 
ज़िन्दगी नाम की थी जिस शख़्स के 
उसके हर सितम का जवाब दे सकती हूँ मैं 
आज लगता है हवा का रुख बदल रहा है 
छोटे ही सही इस ठन्डे झोंके को 
सलाम करने का मन करता है 

गुरुवार, 21 दिसंबर 2017

आज की सुर्खियां


aaj ki surkhiyan

Pic Courtesy:
कल का अख़बार कौन पढ़ता है यहाँ
नई दुनिया की बात करता है जहां

कल की सीढ़ी पर पैर रखते है सभी 
आज की ऊंचाइयां छूने के लिए 

पुराने घाव रिसते है जहाँ  
नए सफर सफल होते है वहां  

अनुभव की पीठ पर सवार है जहां 
सुर्खियों में बात सिर्फ आज की होती है यहाँ?

मंगलवार, 12 दिसंबर 2017

कोहरा

Fog
Pic Courtsey :google
रंगीन चश्मे की
आज ज़रूरत नहीं
कोहरे ने दूधिया
मौसम जो कर दिया
रौशनी चुभती थी
कुछ आँखो को
मावठ की सुबह ने
उन ज़र्द चेहरों को ढक दिया